वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन आज पीएम मोदी की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की चौथी किस्त के बारे में विस्तार से बताया। आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंश में एफएम ने बताया कि सरकार की कोल सेक्टर के लिए बड़े रिफॉर्म की योजना है। कोल सेक्टर को बढावा देने के लिए कमर्शियल कोल माइनिंग पर जोर दिया जाएगा।
कोल सेक्टर में कमर्शियल माइनिंग का एलान करते कोल को गैस में कनवर्ट करने पर इंसेंटिव दिये जाने की बात भी कही गई। एफएम ने कहा कि सरकार की कोल सेक्टर के लिए बड़े रिफॉर्म की योजना है। कोल पर अब सरकार की MONOPOLY नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू शेयरिंग बेसिस पर कोल सेक्टर में रिफॉर्म होगा। कोल इंफ्रा के विकास के लिए 50,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
कोयला निकालने पर 50,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। कोल सेक्टर में कमर्शियल माइनिंग का एलान किया जाएगा इसके लिए 50 नए कोल ब्लॉक तत्काल उपलब्ध कराए जाएंगे। कोल के गैसिफिकेशन के लिए इंसेंटिव दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि अभी भी भारत काफी मात्रा में कोयला आयात करता है। हम अपनी पूरी क्षमता का दोहन नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए कोयला नीति में बदलाव किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए निवेश में नीतिगत सुधार किए जाएंगे। सचिवों के अधिकारप्राप्त समूह के जरिए निवेश योजनाओं को जल्द मंजूरी दी जाएगी। हर मंत्रालय में प्रॉजेक्ट डिवेलपमेंट सेल बनाएं जाएंगे। ये निवेशकों और राज्य सरकारों में तालमेल स्थापित करेंगे। प्रदर्शन के आधार पर राज्यों की रैकिंग की जाएगी। निवेश के लिए उनकी योजनाएं कितनी आकर्षक हैं इनकी रैकिंग की जाएगी।
न्यू चैंपियन सेक्टर को प्रत्साहित किया जाएगा। देश के 3376 औद्योगिक क्षेत्र 5 लाख हेक्टेयर जमीन में हैं। इन्हें मैप किया जाएगा, ताकि निवेशकों को जल्द जमीन उपलब्ध कराए जा सकें।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये भी कहा कि खनिज खनन सेक्टर में सुधार लाए जाएंगे। इसमें निजी निवेश को बढ़ाया जाएगा। एक पारदर्शी नीलामी तरीके से 500 खनिज ब्लॉक उपलब्ध कराए जाएंगे। बॉक्साइट और कोल मिनरल ब्लॉक के लिए संयुक्त निलामी को बल दिया जाएगा। इससे बिजली खर्च में कमी आएगी। इससे खनन बढ़ेगा और रोजगार सृजन होगा। मिनरल इंडेक्स बनाया जाएगा।
शोभित अग्रवाल













